मंगलवार, 19 अक्तूबर 2010

सुबह सवेरे

आज सुबह तकिये में कुछ नमी सी थी,
शायद कल रात इन आँखों में कुछ बेचैनी सी थी...

थोडा महसूस किया, तो दिल में एक खालीपन सा लगा,
शायद कुछ था जो कही छुट गया था...

बिस्तर से कदम कुछ लडखडाये खडे हुए,
शायद तेरी यादों से मिल कर लौटे थे...

चादर में सिलवटें भी कुछ ज्यादा सी थी,
शायद कल रात वो भी मुझसे कुछ नाराज़ सी थी...

सपने भी कोई याद नहीं मुझको,
शायद वो भी खफा हो तेरे पहलु में बैठें हो...!

Vins :)

14 टिप्‍पणियां:

  1. सपने भी कोई याद नहीं मुझको,
    शायद वो भी खफा हो तेरे पहलु में बैठें हो...!

    wah wah wah....kya nishaane pe teer maara hai aapne bhai ji....
    bilkul dil se nikli hui baat keh di aapne!!

    blogging world mein aapka swaagat hai, aasha karte hain aapko aise hee padhne ka mauka miltaa rahega!!

    All the best!!

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  2. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है...आपके ब्लॉग पर आकार बहुत अच्छा लगा...बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति है आप कि रचना में...लिखते रहें...लिखते लिखते और परिपक्वता आयेगी...
    सुनहरे भविष्य की कामना के साथ
    नीरज

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  3. Badhiya, bahut badhiya...

    सपने भी कोई याद नहीं मुझको,
    शायद वो भी खफा हो तेरे पहलु में बैठें हो...!

    Mujhe to shayad hi kabhi sapne yaad rahte hain ;-)

    Regards
    Fani Raj

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  4. सुन्दर रचना है!
    --
    लिखते रहिए!
    --
    ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है!

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  5. So you finally entered the blog world! Congrats!

    Amazing creation. Not many people in this world can reach that depth. Great goin!!!

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  6. Tahe dilse swagat hai! Badi khoobsoorat rachana se aapne blog jagat me padarpan kiya hai!

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  7. हार्दिक बधाई !
    ब्लॉग जगत में पर्दार्पण पे , बस आप पे निरंतर लिखते रहिये अध्ययन करते रहिये , अपने मन में पहले अपनी अबिव्यक्ति को पूरण तपने दीजिये फिर शब्दों में ढालियेगा ,
    पुनः बधाई

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  8. बिस्तर से कदम कुछ लडखडाये खडे हुए,
    शायद तेरी यादों से मिल कर लौटे थे...
    Superb Guru!
    Keep it posting!

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  9. सुस्वागतम !!!!

    सार्थक लिखें...शुभकामनाएं..

    खूब सारा पढ़ें,यह लेखन में निखार लायेगी...

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  10. thanks to all for your overwhelming response... I have waited long before creating my own blog...

    being an amature writer, I prefer using very simple & down-to-earth language with some Banarasi touch... I hope you all will like it.

    Regards,
    Vins

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  11. स्वागत हैं. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएँ.

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